3-Natak By Vinay Shukla (Hindi) (Hardcover)
This book is written by Vinay Shukla
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Jaishankar Prasad ki Rachnaye (H.B)
0 out of 5(0)महाकवि कथाकार नाटककार जयशंकर प्रसाद को कौन नहीं जानता। कक्षा पांचवी से लेकर 12वीं तक ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक हिंदी साहित्य में जयशंकर प्रसाद की रचनाएं देखने को मिलती हैं। जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय और रचनाएं ना केवल पढ़ने में सरल और सुलभ होती है बल्कि हमें यथार्थ ज्ञान और प्रेरणा भी देती है। छायावाद के कवि जयशंकर प्रसाद रचना को अपनी साधना समझते थे। वह उपन्यास को ऐसे लिखते थे मानो जैसे वह उसे पूजते हो। जयशंकर प्रसाद जी के बारे में अभी बातें खत्म नहीं हुई है उनकी कई सारी कविताएं कहानियां है जो आपको यथार्थ का भाव कराएंगी।
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The Importance of Being Earnest by Oscar Wilde (Hardback)
0 out of 5(0)- Page : 96
- ISBN : 978-9394885639
- Dimensions : 22.5 x 14.5 x 1 cm
What happens when two women fall in love with ?Ernest? and Ernest doesn?t exist? the Importance of Being Earnest!Secret identities, alter-egos, invented romances and someone named Ernest. . While Jack Worthing leads a double life?representing himself as Ernest?little does he know what he is setting himself for. Things get interesting or worse, when his friend, Algernon Moncrieff, also impersonates Ernest, all in the pursuit of winning his lady love!What ensues is a satire that will tickle you, scintillate you and leave you in awe, admiring Wilde?s deftness and capacity to produce powerful social comedies. A play that has thrilled readers for over a century, the Importance of Being Earnest, is a brilliant experiment in Victorian melodrama, replete with its farcical conventions and pinching satire. Subtitled a Trivial Comedy for Serious People, this amusing, eccentric farce brings for you as one of its paradoxes the impossibility of being either earnest or moral while claiming to be so.
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