3-Natak By Vinay Shukla (Hindi) (Hardcover)
This book is written by Vinay Shukla
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Jaishankar Prasad ki Rachnaye (H.B)
0 out of 5(0)महाकवि कथाकार नाटककार जयशंकर प्रसाद को कौन नहीं जानता। कक्षा पांचवी से लेकर 12वीं तक ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक हिंदी साहित्य में जयशंकर प्रसाद की रचनाएं देखने को मिलती हैं। जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय और रचनाएं ना केवल पढ़ने में सरल और सुलभ होती है बल्कि हमें यथार्थ ज्ञान और प्रेरणा भी देती है। छायावाद के कवि जयशंकर प्रसाद रचना को अपनी साधना समझते थे। वह उपन्यास को ऐसे लिखते थे मानो जैसे वह उसे पूजते हो। जयशंकर प्रसाद जी के बारे में अभी बातें खत्म नहीं हुई है उनकी कई सारी कविताएं कहानियां है जो आपको यथार्थ का भाव कराएंगी।
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Twelfth Night by William Shakespeare (Hardback)
0 out of 5(0)- Page : 134
- ISBN : 978-9356520196
- Dimensions : 22.5 x 14.5 x 1.1 cm
Washed ashore on the Coast of Illyria after a shipwreck, Viola is separated from her twin brother Sebastian, whom she considers to be dead. A stranger to this unknown land, she disguises herself as a young man named Cesario and joins the service of Duke Orsino. Viola falls for Duke Orsino. Duke Orsino loves Countess Olivia. And Countess Olivia falls for cesario—viola’s male disguise. With this triangle begins the romantic drama of confusions, mistaken identities, and the suffering it causes.
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Othello by William Shakespeare (H.B)
0 out of 5(0)Othello, a soldier in the service of the Venetian Republic, is tricked by his villainous ensign, Iago, into believing that his beloved wife, Desdemona, is an adulteress. In a fit of emotional imbalance, Othello murders her in the most ungracious manner. What happens when he comes to know that she is innocent?
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Skandgupt (Natak) by Jaishankar Prasad (H.B)
0 out of 5(0)‘स्कन्दगुप्त’ नाटक 1928 में प्रकाशित एक ऐतिहासिक नाटक है। स्कंदगुप्त नाटक में गुप्तवंश के सन् 455 से लेकर सन् 466 तक के 11 वर्षों का वर्णन है। इस नाटक में लेखक ने गुप्त कालीन संस्कृति, इतिहास, राजनीति संघर्ष, पारिवारिक कलह एवं षडयंत्रों का वर्णन किया है। स्कंदगुप्त हूणों के आक्रमण (455 ई०) से हूण युद्ध की समाप्ति (466) तक की कहानी है। गुप्त राजवंश का समय 275 ई० से 540 ई० तक रहा। यह नाटक देशभक्त, वीर, साहसी, प्रेमी स्कंदगुप्त विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित ऐतिहासिक नाट्यकृति है। नाटक का आरम्भ स्कंदगुप्त के इस कथन से होता है। ” अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है। ” छायावाद के आधार स्तंभों में से एक जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1890 को काशी में हुआ था। वह संपन्न व्यापारिक घराने के थे और उनका परिवार संपन्नता में केवल काशी नरेश से ही पीछे था। पिता और बड़े भाई की असामयिक मृत्यु के कारण उन्हें आठवीं कक्षा में ही विद्यालय छोड़कर व्यवसाय में उतरना पड़ा। उनकी ज्ञान वृद्धि फिर स्वाध्याय से हुई। उन्होंने घर पर रहकर ही हिंदी, संस्कृत एवं फ़ारसी भाषा एवं साहित्य का अध्ययन किया, साथ ही वैदिक वांग्मय और भारतीय दर्शन का भी ज्ञान अर्जित किया। वह बचपन से ही प्रतिभा संपन्न थे। आठ-नौ वर्ष की आयु में अमरकोश और लघु कौमुदी कंठस्थ कर लिया था जबकि ‘कलाधर उपनाम से कवित्त और सवैये भी लिखने लगे थे।
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