गणित केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि सोचने और समस्याओं को सरल बनाने की कला है। वैदिक गणित : मानसिक गणना की कला भारतीय ज्ञान परंपरा के उन अद्धुत गणितीय सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है जिनकी सहायता से जटिल गणनाएँ भी कुछ ही क्षणों में की जा सकती हैं। इस पुस्तक में वैदिक गणित के प्रमुख सूत्रों, मानसिक गणना की तकनीकों, तीव्र जोड़, घटाव और गुणा की सरल विधियों का विस्तूत एवं व्यावहारिक परिचय दिया गया है। प्रत्येक अध्याय को इस प्रकार तैयार किया गया है कि विद्यार्थी, शिक्षक, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी तथा गणित प्रेमी सभी इसका लाभ उठा सकें। पुस्तक केवल उत्तर प्राप्त करने की विधियाँ नहीं सिखाती, बल्कि संख्या बोध, तार्किक चिंतन और आत्मविश्वास का भी विकास करती है। इस पुस्तक में पाठक सीखेंगे कि आधार संख्याओं का उपयोग करके बड़ी संख्याओं का गुणन कैसे किया जाए, 11 तथा 12 से 19 तक की संख्याओं से गुणा करने की त्वरित तकनीकें क्या हैं, तथा वैदिक गणित के प्रसिद्ध निखिलमू और ऊर्ध्वतिर्यगध्याम् सूत्रों की सहायता से मानसिक गणना की गति को किस प्रकार कई गुना बढ़ाया जा सकता है। यदि आप गणित को कठिन नहीं बल्कि रोचक, सरल और आनंददायक बनाना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
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Vaidik Ganit : Mansik Ganana Ki Kala by Praveen Goyal (Paperback)
गणित केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि सोचने और समस्याओं को सरल बनाने की कला है। वैदिक गणित : मानसिक गणना की कला भारतीय ज्ञान परंपरा के उन अद्धुत गणितीय सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है
₹350.00 ₹395.00
| Weight | 0.122 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21 × 14.3 × 0.6 cm |







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