The Black Tulip By Alexandre Dumas (Hardcover)
Set at the height of the “tulipomania” that gripped Holland in the 17th century, this is the story of Cornelius van Baerle, a humble grower whose sole desire is to grow the perfect specimen of the tulip negra.
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Aankh Ki Kirkiri By Rabindranth Tagore (Hardcover)
0 out of 5(0)रवीन्द्रनाथ टैगोर के सुप्रसिद्ध उपन्यास ‘चोखेर बालि’ का हिन्दी अनुवाद है – ‘आंख की किरकिरी’ । इस उपन्यास की गिनती रवीन्द्रनाथ टैगोर की – उत्कृष्ट रचनाओं में होती है। यद्यपि रवीन्द्रनाथ के लिखे ऐसे अनेक उपन्यास हैं जो ‘चोखेर बालि’ से अधिक विख्यात हैं, परंतु इस उपन्यास के पात्रों में जो विविधता और गहराई है, वह अन्य उपन्यासों के पात्रों में देखने को नहीं मिलती। उपन्यास का प्रत्येक पात्र पाठक को अंत तक बांधे रखता है। साथ ही संदेश देता है प्रेम, धैर्य एवं त्याग का ।
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WORLD’S GREATEST SHORT STORIES COLLECTION ( A GIFT SET OF 5 BOOKS )byFyodor Dostoevsky, Ernest Hemingway, Anton Chekhov, Guy de Maupassant and Franz Kafka (HARDCOVER)
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0 out of 5(0)This beautiful set comprising of 5 books from 5 greatest writers of all time, is a must addition to your reading collection. This set includes the best short stories from Franz Kafka, Guy De Maupassant, Ernest Hemingway, Anton Chekhov and Fyodor Dostoevsky. It comprises of their best works and is ideal for gifting and home library collection purposes.
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Vaishali Ki Nagarvadhu by Archarya Chatursen (Hardback)
0 out of 5(0)यह उपन्यास एक बौद्धकालीन ऐतिहासिक कृति है । लेखक के अनुसार इसकी रचना के क्रम में उन्हें आर्य, बौद्ध, जैन और हिंदुओं के साहित्य का सांस्कृतिक अध्ययन करना पड़ा जिसमें उन्हें 10 वर्षों का समय लगा। यह उपन्यास कोई एक-दो महीनों में पूर्ण नहीं हुआ बल्कि आचार्य शास्त्री ने इत्मीनान से इसके लेखन में 1939-1947 तक कि नौ वर्षों की अवधि लगाई। इस उपन्यास के केंद्र में ‘वैशाली की नगरवधू’ के रूप में इतिहास-प्रसिद्ध वैशाली की, सौंदर्य की साक्षात प्रतिमा तथा स्वाभिमान और आत्मबल से संबलित ‘अम्बपाली’ है जिसने अपने जीवनकाल में सम्पूर्ण भारत के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश को प्रभावित किया था। उपन्यास में अम्बपाली की कहानी तो है किंतु उससे अधिक बौद्धकालीन सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक स्थितियों का चित्रण उपलब्ध है और यही उपन्यासकार का लक्ष्य भी है। विभिन्न संस्कृतियों यथा जैन और बौद्ध और ब्राह्मण के टकराव के साथ-साथ तत्कालीन विभिन्न गणराज्यों यथा काशी, कोशल तथा मगध एवं वैशाली के राजनीतिक संघर्षों का विवरण भी इस कृति में उपलब्ध है। उपन्यास की नायिका फिर भी अम्बपाली ही है जो आदि से अंत तक उपन्यास में छाई हुई है।
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