Tales From Gorky: With A Biographical Notice Of the Author by R. Nisbet Bain (Hardback))
Alexei Maximovich Peshkov, popularly known as Maxim Gorky, was a Russian and Soviet writer and socialist political thinker and proponent. He was nominated five times for the Nobel Prize in Literature.
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Vaishali Ki Nagarvadhu by Archarya Chatursen (Hardback)
0 out of 5(0)यह उपन्यास एक बौद्धकालीन ऐतिहासिक कृति है । लेखक के अनुसार इसकी रचना के क्रम में उन्हें आर्य, बौद्ध, जैन और हिंदुओं के साहित्य का सांस्कृतिक अध्ययन करना पड़ा जिसमें उन्हें 10 वर्षों का समय लगा। यह उपन्यास कोई एक-दो महीनों में पूर्ण नहीं हुआ बल्कि आचार्य शास्त्री ने इत्मीनान से इसके लेखन में 1939-1947 तक कि नौ वर्षों की अवधि लगाई। इस उपन्यास के केंद्र में ‘वैशाली की नगरवधू’ के रूप में इतिहास-प्रसिद्ध वैशाली की, सौंदर्य की साक्षात प्रतिमा तथा स्वाभिमान और आत्मबल से संबलित ‘अम्बपाली’ है जिसने अपने जीवनकाल में सम्पूर्ण भारत के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश को प्रभावित किया था। उपन्यास में अम्बपाली की कहानी तो है किंतु उससे अधिक बौद्धकालीन सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक स्थितियों का चित्रण उपलब्ध है और यही उपन्यासकार का लक्ष्य भी है। विभिन्न संस्कृतियों यथा जैन और बौद्ध और ब्राह्मण के टकराव के साथ-साथ तत्कालीन विभिन्न गणराज्यों यथा काशी, कोशल तथा मगध एवं वैशाली के राजनीतिक संघर्षों का विवरण भी इस कृति में उपलब्ध है। उपन्यास की नायिका फिर भी अम्बपाली ही है जो आदि से अंत तक उपन्यास में छाई हुई है।
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The Arya Samaj by Lajpat Rai (Hardcover)
0 out of 5(0)‘The Arya samaj’ is a book by Lala Lajpat Rai, aimed to state the position of Arya samaj in the words of its leaders, who are the best Exponents of its doctrine and its views. ‘The Arya samaj is undoubtedly a potent spiritual ferment in Punjab, combining what may be called a Protestant Reformation of the secular abuses and legendary accretions of orthodox Hinduism with a Puritan Simplification of life and a roundhead insistence on the development of Indian intellectual life and thought. Of this movement and in this social service, Mr. Lajpat Rai has been long a leader. He adds a new service to us all by bringing its history, its aims and its achievement to the notice of the ever-growing english-reading public, not only in the United Kingdom and America, but also in India and Japan.’
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Coming soon, Hindi Literature
Ram Ki Shakti Pooja By Suryakant Tripathi (Hardcover)
0 out of 5(0)सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ को ‘महाप्राण’ भी कहा जाता है। उनकी कविता ‘राम की शक्ति पूजा’ हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है. खड़ी बोली की इस लंबी कविता में रामायण की कथा बताई गई। इसमें खासकर राम और रावण के भीषण युद्ध का वर्णन है। ‘राम की शक्ति पूजा’ काव्य को निराला जी ने 23 अक्टूबर 1936 में पूरा किया था। इलाहाबाद से प्रकाशित दैनिक समाचारपत्र ‘भारत’ में पहली बार 26 अक्टूबर 1936 को उसका प्रकाशन हुआ था। ‘राम की शक्ति पूजा’ कविता 312 पंक्तियों की एक लम्बी कविता है। इसमें ‘महाप्राण’ के स्वरचित छंद ‘शक्ति पूजा’ का प्रयोग किया गया है। इस कविता में कवि ने राम को एक साधारण मानव के धरातल पर खड़ा किया है, जो थकता भी है, टूटता भी है और उसके मन में जय एवं पराजय का भीषण द्वन्द्व भी चलता है।
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English Classics
Selected Russian Short Stories
0 out of 5(0)This book includes the following stories
The Queen Of The Spades by A.S.Pushkin
The Cloak by N.V.Gogol
The District Doctor by I.S Turgenev
The Christmas Tree And The Wedding by F.M. Dostoyevsky
God Sees The Truth , But Waits by L.N.Tolstoy
How A Muzhik Fed Two Officials by M.Y. Saltykov
The Shades , A Phantasy by V.G. Korolenko
The Signal by V.N.Garshin
The Darling by A.P.Chekhov
The Bet by A.P.Chekhov
Vanka by A.P.Chekhov
Hide And Seek by F.K.Sologub
Dethroned by I.N.Potapenko
The Servant by S.T.Semyonov
One Autum Night by M.Gorky
Her Lover by M.GorkySKU: n/a
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