यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अनसुने विद्रोहों और गुमनाम नायकों को समर्पित है, जिनके संघर्ष, बलिदान और अदम्य साहस ने अंग्रेजी साम्राज्य की नींव को हिला दिया था, परंतु जिनका इतिहास के पन्नों में उचित उल्लेख नहीं मिल पाया। संन्यासी-फकीर विद्रोह से लेकर रानी गैदिल्ल्यू तक, संथाल हूल से लेकर राम्पा विद्रोह तक, पाइका आंदोलन से लेकर उलगुलान तक-यह पुस्तक उन संघषीं की विस्तृत, प्रमाणिक और प्रेरणादायक गाथा है, जिन्होंने स्वतंत्रता की मशाल को पीढ़ी दर पीढ़ी जलाए रखा। यह पुस्तक शोथार्थियों, विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों, इतिहास प्रेमियों तथा भारत के गौरवशाली अतीत को जानने के इच्छुक हर पाठक के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन वीरों को नमन, जिनके संघर्ष और बलिदान से आज हम स्वतंत्र सांस ले रहे हैं।,,
History, Indian History
Swatantrata Sangram ke ansune Vidroh : 1857 Se Purv aur paschat bharat ke Vismrit Krantikari Andolan aur jananayak by Dr. Srinkhala H. Das (Hardcover)
यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अनसुने विद्रोहों और गुमनाम नायकों को समर्पित है, जिनके संघर्ष, बलिदान और अदम्य साहस ने अंग्रेजी साम्राज्य की नींव को हिला दिया था, परंतु जिनका इतिहास के पन्नों में उचित उल्लेख नहीं मिल पाया।
₹325.00 ₹395.00
| Weight | 0.207 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.2 cm |







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