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Nirala ki Sampoorna Kahaniyan by Suryakant Tripathi ‘Nirala’ (Hardcover)


सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ हिंदी साहित्य के महानतम रचनाकारों में से एक थे, जिनका योगदान कविता, कहानी, निबंध और उपन्यास सभी विधाओं में अमूल्य रहा है।

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सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ हिंदी साहित्य के महानतम रचनाकारों में से एक थे, जिनका योगदान कविता, कहानी, निबंध और उपन्यास सभी विधाओं में अमूल्य रहा है। वे छायावाद युग के प्रमुख कवि थे, लेकिन उनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, विद्रोह, करुणा और संवेदना की गहराई भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। निराला की भाषा में सहजता और भावों में गहराई थी, जो पाठकों के मन को छू जाती है। उनकी प्रसिद्ध काव्य कृतियाँ “सरोज-स्मृति,” “राम की शक्तिपूजा,” “वह तोड़ती पत्थर,” और “परिवर्तन” हैं, जो उन्हें संवेदनशील और जागरूक कवि के रूप में स्थापित करती हैं। उपन्यासों में “अलका,” “अप्सरा,” “चोट और चित्रलेखा” जैसे नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। निराला ने साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया और हिंदी साहित्य को एक नई चेतना प्रदान की।

Weight 0.326 kg
Dimensions 22.5 × 14.5 × 1.6 cm

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